अपनी गर्लफ्रेंड कोमल को चुपके

हाय दोंस्तों, मैं ईशान आपको अपनी प्यार मुहब्बत की कहानी सुना रहा हूँ। मैं और मेरी गर्लफ्रेंड कोमल पिछले 3 सालों से नागपुर में रह रहे है। हम दोनों फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रहे है। हम दोनों अब एक ही घर में रहने लगे है। हम दोनों लिविंग रिलेशनशिप में रह रहे है और 3 साल से हमारी चुदाई बिना रुके चल रही है। मैं कई दिन से कोमल से कह रहा था कि कुछ नया करते है। वही आसन में हम हजारों बार चुदाई कर चुके है। अब तो कुछ नया होना चाहिये। इसकी जरूरत मैं कई दिनों से महसूस कर रहा था।

फिर मैंने कोमल को कई वीडियो दिखाये। एक वीडियो उसे पसंद आया। हम दोनों ने फैसला किया कि अगली चुदाई इसी स्टाइल में होगी। मैं 2000 रुपये का एक जी स्पॉट स्टिमुलेटर खरीद लिया। ये बहुत कमाल का था। टूथब्रश जैसा ही था, पर आगे की साइड गोल था। फिर वीकेंड आया। सन्डे था उस दिन। हम चुदाई का मूड बनाने लगे। हम दोनों बेडरूम में आ गए। दोनों नँगे हो गये। कोमल सर के नीचे तकिया लेकर लेट गयी। उसने टाँग फैला ली। इससे पहले मैंने कोमल को हजारों बार चोदा था। पर कभीं उसकी बुर से पानी नही निकाल पाया था।

एक तू तो कोमल थोड़ी पुराने ज़माने की थी। बुर में ऊँगली के सिवा कुछ नही डालने देती थी। मैंने उसे चोदने से पहले घण्टों घण्टों अपनी ऊँगली से उनकी बुर फेटता था। पर मैं मैं कभी उसके जी स्पॉट को नहीं छू पाया था। इस कारण मैं कभी उसकी बुर से पानी नही निकाल पाया था। 3 साल की चुदाई के बाद तो बस तमन्ना थी की उसकी बुर का पानी निकलता हुआ देखूं। मैंने कोमल को जी स्पॉट स्टिम्युलेटर दिखाया। ये फिरोजी रंग का था। जैसे ही मैंने नीचे एडजस्ट किया, ये घूं घूं करके वाइब्रेट करने लगा। मैंने स्टिमुलेटर उसकी बुर में डाल दिया और नीचे एडजस्ट किया। ये घुर्र घुर्र करने लगा। कोमल की बुर में सनसनी मचने लगी। मैं जल्दी जल्दी वाइब्रेटर को आगे पीछे करने लगा। पर पानी नही निकला।

इससे पहले मैं अपनी ऊँगली से ही कोमल की बुर में ऊँगली करता था। उसे गरम करता था। पर इस वाइब्रेटर से उसे कहीं अधिक मजा मिल रहा था। मैं मजे से वाइब्रेटर आगे पीछे करने लगा। मैंने उसका पावर और बढ़ा दिया। अब तो वो और जादा घुर्र घुर्र करने लगा। कारिब 20 मिनट हो गया। कोमल की बुर का पानी नही झड़ा। मैं सोचने लगा की ये काम क्यों नही कर रहा है। पर कोमल की बुर में बवंडर तो मच ही गया था। वो किसी पेड़ की तरह हिल रही थी। मुजें बड़ा मजा आ गया ये देखकर। मैंने उसकी चूत से वाइब्रेटर नही निकाला निकाला और उसकीं चूत के होंठ चूसता रहा, चाटता रहा। कोमल को खूब मजा आया। मैंने अब कुछ देर के लिए वाइब्रेटर निकाल लिया। मैं भागकर किचन गया। एक डिलडो भी ले आया।

मैंने डिलडो कोमल की गांड़ में डाल दी। और एक लंबा सा खीरा ले आया। मैंने खीरा कोमल की बुर में सारा का सारा डाल दिया। उसकी बुर फूल गयी। खूब मोटा खीरा जो मैंने उसमे ढूस दिया था। मैं जल्दी जल्दी खीरा चलाने लगा। सायद उसने जी स्पॉट को छू लिया। कोमल कमर ऊपर उठाने लगी। मैं और जल्दी जल्दी लंबे खीरे को चलाने लगा। एक दो बूंद उसकीं बुर का पानी निकला और सीधे मेरे मुँह पर पड़ा।

अब धीरे धीरे मुझे आईडिया होने लगा की बुर में कैसै जी स्पॉट में छूना है। असल में यह बुर में 4 5 इंच अंदर ऊपर की तरफ होता है। मैंने अब खीरा निकाल लिया। फिर से वाईब्रेटर डाल दिया। और अंदर ऊपर करके चलाने लगा। मैंने कोमल की गाण्ड में डिलडो लगा रहने दिया। उसे नही निकाला। जब मैं वाइब्रेटर जल्दी जल्दी चलाने लगा तो वो जी स्पॉट को हिट करने लगा। कोमल आ आ करने लगी। मम्मी मम्मी !! वो।चिल्लाने लगी। मैंने वाइब्रेटर की रफ्तार सबसे तेज करदी। मैंने अपना मुहँ भी उसकीं बुर के सामने रख दिया।

कुछ देर में कोमल की बुर से पानी निकलने लगा। मैं सारा पानी पी गया। नमकीन पानी, देखने में साफ शीतल जैसे नल का पानी को। फिर मैंने कोमल को बेड पर कन्धों के बल उल्टा कर दिया। उसे एक गठरी बना दिया। उसकी बुर में लण्ड डाला और खूब चोदा उसको। इस तरह दोंस्तों आज हमने कुछ अलग किया। मैंने उसकी बुर में खीरा डाला और वाईब्रेटर से उसका पानी छुड़ाया। फिर एक दिन दोंस्तों हमारे मोहल्ले में ना जाने कहाँ से एक पागल भिखारी आ गया। उस दिन बारिश बहुत हो रही थी। वो भिखारी सायद पागल था। वो सिक्योरिटी गार्ड।की वर्दी पहने था। बारिश में इधर उधर भीग रहा था, पर कोई उसे ना तो कोई बैठने की जगह दे रहा ना कोई कुछ खाने को दे रहा था।

मुझे तरह आ गया। मैंने उसे घर में बुला लिया। मैंने कोमल से कहा कि उसे कुछ खाने को दे दे। कोमल ने उसके लिए मैगी बना दी। भिखारी मैगी पर टूट पड़ा। सायद उसने कई दोनों से कुछ नही खाया था। कोमल से उसे पानी भी दिया। वो भूखा और प्यासा था। सायद वो कोई सेक्युरिटी गार्ड था। कोई मेंटल शॉक लगा होगा। तभी पागल हो गया होगा। वो कुछ अपनी धुन में था, कुछ मुनमुना रहा था। पर। देखने में लंबा चौड़ा सा। मन में खयाल आया की बेचारी कोमल मेरा एक ही लण्ड खा खाके ऊब गयी है। क्यों ना इसे इस भिखारी का लण्ड खिला दूँ। कुछ नया मनोरंजन भी हो जाएगा। और वैसे भी ये भिखारी पागल है। किसी से कहेगा नही, कोई बदनामी का डर भी नही है।

मैंने कोमल को अंदर कमरे में बुलाया।
कोमल!! इसका लण्ड खाएगी?? मैंने पूछा
वो चुप हो गयी। उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी। मैं जान गया कि वो भिखारी का लण्ड खाना चाहती है।
तू अपनी झांटे वगैरह साफ कर!! मैं इसे नहलाता हूँ!! मैंने कोमल से कहा।
वो सिक्योरिटी गार्ड वाला भिखारी अपनी ही धुन में मस्त था। उसका पेट अब भर गया था। उसने पानी भी पी लिया था। वो ना जाने क्या अपने ही मन में बुदबुदा रहा था। मैं जान गया कि वो होश में नही है। अगर इससे मैं अपनी गर्लफ्रेंड को चुदवा भी दूँ तो ना तो ना तो इसे पता चलेगा और ना ही इसे याद रहेगा। ये किसी को इस कांड के बारे में बताएगा भी नहीं।

मैं उसे अंदर बाथरूम में ले गया। मैंने गीजर ऑन कर दिया। मैं उसे गर्म पानी से नहलाने लगा। मैंने उसे साबुन से खूब मल मलके नहलाया। उसकी दाढ़ी बनायीं और झांटे भी बनाई। उधर कोमल भी नहाने चली गयी थी। अपनी झांटे वो भी साफ कर रही थी। आधे घण्टे बाद मैं भिखारी को साफ कपड़े पहनाकर बेडरूम में ले आया। मेरी गर्लफ्रेंड कोमल आज एक नया मोटा ताजा लण्ड खाने वाली थी। कोमल भी अपनी नाइटी पहनकर आ गयी। हम दोनों भिखारी के साथ क्या कर रहे थे, उसे कुछ पता नही चल रहा था। वो तो बस अपनी धुन में मस्त था। मैंने भिखारी को बेड पर लिटा दिया। उसे कुछ साफ कपड़े भी मैंने दे दिए थे। कोमल आ गयी। उसने भिखारी की पैंट खोली और उसका लण्ड चूसने लगी।

भले भिखारी पागल था ,पर उसका शरीर एकदम स्वस्थ था। बस उसका दिमाग ही खिसका था। जब कोमल उसका लण्ड चूसने लगी तो अचानक से उसने खुद से बुदबुदाना बंद कर दिया। अब वो शांत हो गया। उसे जरूर मजा मिल रहा था। अब वो नॉर्मल होने लगा। उसने कोमल के सिर को पकड़ लिया और जल्दी जल्दी उसके सिर को अपने लण्ड पर दौड़ाने लगा। मैं हैरान था। थोड़ी खुसी भीं थी। मुझे लगता है कि भिखारी ने सालों से सम्भोग नही किया होगा। कोमल कितनी लकी है उसके लण्ड को आज खाएगी। सालों का वीर्य जो भिखारी की गोलियों में वर्षों से जमा है आज कोमल की बुर में उतर जाएगा।

भिखारी कोमल के बड़े से सिर को पकड़ जल्दी जल्दी अपने लण्ड पर चला रहा था, कोमल मस्त होकर उसके लण्ड को चूस रही थी। वो गले तक भिखारी के लण्ड को ले रही थी। फिर मैंने कोमल की नाइटी खोल दी। उसे बिस्तर पर लिटा दिया। भिखारी को उसके बगल लिटा दिया। वो पागल जरूर था पर सायद चुदाई नही भुला था। कोमल ने बस एक बार अपनी एक मस्त छाती उसके मुँह में लगा दी। बस जनाब वो मजे से चूसने लगा। कोमल इतनी मजे से दूध पिलाने लगी की उसने आँखे बंद कर ली। भिखारी कोमल की दोनों छातियां बदल बदल कर पीने लगा।

कोमल की बुर गीली हो गयी। वो खुद अपनी ऊँगली अपनी बुर में करने लगी। फिर मैंने भिखारी की ऊँगली एक बार उसकी बुर में डाल दी। जैसे उसकी याददाश्त वापिस आ गयी। वो अब उसकी बुर में ऊँगली चलाने लगा। ऊपर से वो मुँह से कोमल के दोनों दूध को मजे से पी रहा था। कुछ मिनट बाद भिखारी का लण्ड खड़ा हो गया। ये देखकर मैं शांत हो गया कि अब कम से कम कोमल को एक नया लण्ड तो खाने को मिल जाएगा। अब उसने कोमल के दोनों मम्मो को मतलब भर का पी लिया तो मैंने भिखारी को मम्मो से हटा दिया। वो तो छोड़ने को तैयार ही नही था, पर मैंने छुड़ाया।

कोमल ने अपने दोनों पैर फैला दिए। मैंने भिखारी को उसकी बुर चाटने के काम पर लगा दिया। इत्तेफाक से काम बन गया। वो मजे से मेरी गर्लफ्रेंड की बुर चाटने लगा। कोमल को जैसे स्वर्ग मिल गया हो। उसने और पैर खोल दिए। भिखारी और मजे से उसकी बुर चाटने लगा। अब मैंने अधिक देर करना सही नहीं समझा। मैंने भिखारी को कोमल पर लिटा दिया। वो जान जाये क्या करना है इसलिए मैंने भिखारी के लण्ड को एक बार हाथ से पकड़कर कोमल की बुर में डाल दिया। जरा सा मैंने धक्का दिया।

उसका लण्ड अंदर चला गया। अब भिखारी जान गया कि क्या करना है। वो कोमल को चोदने लगा। मैंने चैन की साँस ली। अब कोमल भी मजे से चूदने लगी। कहाँ वही एक लण्ड खा खाके बोर हो गयी थी। मोटा ताजा नया लण्ड अब कोमल खा रही थी। मैं खुश था। धीरे धीरे उस पागल से रफ्तार पकड़ ली। बड़ी जल्दी जल्दी मेरी फूल सी नाजुक गर्लफ्रेंड को चोदने लगा। बड़ी जल्दी जल्दी कोमल को लेने लगा। जैसै सिलाई की मशीन की सुई बड़ी जल्दी जल्दी कपड़े को सिलती है ठीक उसी तरह पागल का लण्ड सुई का काम कर रहा था।

कोमल की बुर उसके लिए कपड़ा थी जिसे वो बहुत जल्दी जल्दी छेद रहा था। मुझे यह दृश्य देखकर इतना मजा आया की मैं मुठ मारने लगा। कोमल आ आ मम्मी मम्मी करने लगी। मुझे तो मौज आ गयी। भिखारी से कोमल की बुर को छेद छेदकर झलरा कर दिया। कोमल दर्द से जब चिल्लाने लगी और भिखारी को अपनी बुर से हटाने लगी तो मैंने कोमल के दोनों हाथ पकड़ लिए। भिखारी गचागच कोमल की बुर को लिए जा रहा था। कोमल ने अपने दोनों पैरों को ऊपर हवा में उठा रखा था। वो बिना रुके कोमल की बुर फाड़ रहा था। सायद वर्षों बाद वो पागल किसी लड़की से सम्भोग कर रहा था।

मैंने खुद को रोक ना सका। मैं मुठ मारने लगा। उधर भिखारी कोमल को दनादन लिए जा रहा था। फिर आधे घण्टे बाद वो कोमल की बुर में ही झड़ गया। मेरा माल भी चूत गया जो कोमल के मुँह, मम्मो और पेट पर जाकर गिरा। उस दिन तो हम तीनो को मौज आ गयी। कोमल, भिखारी, और पागल हम तीनों हाफ रहे थे। कुछ पल के आराम के बाद मैंने कोमल को कुतिया बना दिया। भिखारी को उसके पीछे कर दिया। उसके लण्ड को मैंने कोमल की बुर में डाल दिया। भिखारी का लण्ड फिर से खड़ा हो गया। अब भिखारी कोमल को पीछे से कुतिया बनाकर चोदने लगा। मैंने कुछ तस्वीरें ले ली। उस दिन कोमल को भिखारी से हर एंगल से बारी बारी से चोदा। उसने कोमल को 7 8 बार लिया उस दिन। फिर मैंने भिखारी को लेकर बस स्टॉप छोड़ आया। मैंने उसकी जेब में एक 500 का नोट रख दिया। मैं घर चला आया।

बाद में जब मन करता था हम दोनों कोमल की उस दिन वाली फोटो साथ में बैठाके देखते थे। हम दोनों ने सोचा की कास वो कभी फिर आये, पर वो कभी नहीं दिखायी दिया। पर कोमल को तो कुछ बेहतरीन यादे मिल ही गयी।